फ़ॉलोअर

अंजना भट्ट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अंजना भट्ट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 2 अप्रैल 2019

इच्छाओं का घर - अंजना भट्ट

Image result for इच्छाओं का घर
इच्छाओं का घर--- कहाँ है?
क्या है मेरा मन या मस्तिष्क या फिर मेरी सुप्त चेतना?
 
इच्छाएं हैं भरपूर, जोरदार और कुछ मजबूर.
पर किसने दी हैं ये इच्छाएं?
क्या पिछले जनमों से चल कर आयीं
या शायद फिर प्रभु ने ही हैं मन में समाईं?
 
पर क्यों हैं और क्या हैं ये इच्छाएं?
 
क्या इच्छाएं मार डालूँ?
या फिर उन पर काबू पा लूं?
और यदि हाँ तो भी क्यों?
 
जब प्रभु की कृपा से हैं मन में समाईं?
तो फिर क्या है उनमें बुराई?
Related image
- अंजना भट्ट


शनिवार, 22 दिसंबर 2018

समुन्दर -अंजना भट्ट

गूगल से साभार 
नीले समुन्दर का साया आँखों में भर के
तेरी प्यारी आँखों के समुन्दर में डूबने को जी चाहता है
 
मचलती लहरों की मस्ती दिल में भरके
तेरी बाँहों के झूले में झूलने को जी चाहता है
 
समुन्दर का खारा पानी मूहँ में भरके
तेरे होठों के अमृत की मिठास चखने को जी चाहता है
 
आ ना सजन, अपनी बाँहों में कस ले मुझे
आँखों में बसा ले मुझे, और
अपने होठों की मिठास, मेरे तन मन और आत्मा में भर दे


प्यासी हूँ तेरे प्यार की, कभी नहीं थकूँगी तेरे प्यार से
समुन्दर के रूबरू, आकाश की गोद में, पाताल की गहराईयों में....
कहीं भी तू बुलाये तो मैं आऊँगी
जनमों से तेरी दासी हूँ आ कर तुझमें ही समा जाऊँगी

                                               -अंजना भट्ट